मनौरी गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की हुई मौत
संदिग्धावस्था में मौत या हत्या पुलिस प्रशासन विभिन्न बिन्दुओं पर जांच में जुटी
गांव में मची हुई है अफरातफरी का माहौल कोई किसी को कुछ बोलने से मना कर रहे हैं तो कोई सीसीटीवी कैमरे का फुटेज डिलीट करने में लगे हुए हैं
मनौरी गांव में उक्त मामले को लेकर राजनीति का बाजार है गर्म परिजन में छाई हुई है मातम
सोनबरसा राज (सहरसा)(आससे)! सोनबरसा राज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत सोनबरसा राज अन्तर्गत मनौरी गांव में 35 वर्षीय युवक की संदिग्धावस्था में हुई मौत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अहले सुबह युवक का शव उसके घर के दरवाजे के सामने पड़ा मिला।
कहा जाता है कि घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव सहित नगर पंचायत सोनबरसा राज में आग की तरह फैल गई और हड़कम मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर घटना स्थल पर पहुंच विभिन्न प्रकार की बातें करने लगे कि आखिर यह कैसे हो गया।
मालूम हो कि मृतक की पहचान मनौरी गांव निवासी स्वर्गीय जग्गो साह के पुत्र 35 वर्षीय युवक रुपेश कुमार के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार रुपेश कुमार रात में सलखुआ थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव स्थित अपनी बहन के घर एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने गया था।
बताया जाता है कि देर रात वह अपने गांव के ही भाड़े की गाड़ी से अपने गांव वापस लौट आया। जैसा कि गाड़ी चालक का कहना है कि रुपेश कुमार को उसके घर से करीब 200 मीटर दूर मुख्य सड़क मार्ग पर उतार दिया गया था।
परिजनों का कहना है कि सुबह घर के बाहर दरवाजे पर रुपेश कुमार का शव जमीन पर पड़ा मिला। जिसकी सूचना मिलते ही आनन-फानन में सोनबरसा राज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गई। घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने एफ एस एल की टीम को भी मौके पर बुला लिया। एफ एस एल की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और विभिन्न साक्ष्य एकत्र किया।
प्रारंभिक जांच में मृतक रुपेश कुमार के गर्दन और चेहरे पर चोट के निशान पाया गया है। यही वजह है कि परिजन और ग्रामीण रुपेश कुमार की मौत को हत्या मान रहे हैं। सोनबरसा राज थानाध्यक्ष नागमणि कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हेतु सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। सभी बिन्दुओं पर जांच की जा रही है।
ज्ञात हो कि सूत्र बताते हैं कि रुपेश कुमार साह का पड़ोस के ही किसी महिला से अवैध संबंध था और वह बराबर मोबाइल फोन से बात करता रहता था। जब वह देर रात हरिपुर गांव से वापस अपने गांव आया तो वह अपने घर नहीं पहुंचा, पहुंचा तो उनकी मृत शरीर पहुंचा। इससे शक की सुई उधर जा रही है। वह घर का अकेला वारिस था तथा अन्य किसी से उसका कोई विवाद नहीं थी। उक्त प्रेम प्रसंग के मामले में कहा जाता है कि कितना बार पंचायत भी हुई थी। अब देखना है कि पुलिस अपने अनुसंधान में किस तरह से उक्त घटना की उद्भेदन करती है तथा इसमें कौन कौन नामित बनता है। गांव में अफरातफरी उक्त मामले को लेकर चल रही है।
सम्पादक
Arvind Kumar Singh
📍 सहरसा, बिहार
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