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नई दिल्ली। देश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें छात्रों को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही हैं। इसी क्रम में कई संस्थानों और एजेंसियों ने AI आधारित शिक्षा मॉडल, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है।
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने अपनी पहली AI नीति लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। इस योजना के तहत युवाओं को AI और नई तकनीकों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
वहीं शिक्षा मंत्रालय ने भी छात्रों के लिए AI आधारित गणित सीखने का नया मॉडल पेश किया है। इसमें कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में गेम आधारित पढ़ाई उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा।
तकनीकी संस्थानों में भी AI को लेकर गतिविधियां बढ़ी हैं। कई विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग संस्थान अब AI, रोबोटिक्स और नई तकनीकों पर आधारित कोर्स शुरू कर रहे हैं ताकि छात्र भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI शिक्षा, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसे में छात्रों को अभी से नई तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी हो गया है।
Reporter
Er Yogendra Singh Rajput
📍 Jaunpur, Uttar Pradesh
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