Loading...
ब्रेकिंग न्यूज़

चौथा सोमवारी के दिन भी शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं का भीड़

Anonymous Loading... ,
चौथा सोमवारी के दिन भी शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं का भीड़

सबसे अधिक जलसीमा गाँव स्थित प्राचीन काल में स्थापित शिवालय में देखा गया श्रद्धालुओं का भीड़

श्रद्धालुओं के द्वारा पांचों पांडवों का भी किया जाता है पुजा अर्चना

संवाददाता हृषिकेश कुमार सोनबरसा राज

सोनबरसा राज (सहरसा) (आससे) । सोनबरसा राज प्रखण्ड क्षेत्र में आज चौथा सोमवारी के दिन भी शिवालयों में उमड़ा पूजा अर्चना हेतु श्रद्धालुओं का भीड़। सबसे अधिक भीड़ सोनबरसा राज प्रखण्ड क्षेत्र के जलसीमा गाँव स्थित शिवालय में देखा गया। 
कहा जाता है कि वनवास के समय जलसीमा गाँव स्थित शिवालय परिसर में एक वरगद पेड़ के नीचे गुफानुमा भवन में पांचों पांडव युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव गौव पालक के भैष में निवास करते थे और गौव पालन का कार्य करते थे। उस समय यह स्थान जंगलमय था। बताया जाता है कि उस जंगल में पांचों पांडवों ने गाय चराया करते थे। जब संध्या का समय होता था तो गाय एक स्थान पर स्वत: दूध बहाने लगती थी। जब एक दिन पांडवों का नजर उस दृश्य को देखा तो अचम्भित हो गये और जब उस स्थान से जंगल को साफ किया गया तो शिवलिंग देखा, फलस्वरूप उस दिन से पांचों पांडवों ने शिवलिंग का पूजा अर्चना करने लगे और फिर स्वत: आपरुपी शिवालय का भी निर्माण हो गया। उक्त प्राचीन कथा के अनुसार उस स्थान को श्रद्धालुओं विषेश रुप में मानने लगे और शिवालय में पूजा हेतु भीड़ उमड़ने लगी। यही कारण है कि शिव पूजा अर्चना का पर्व के समय जलसीमा गाँव स्थित शिवालय में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने हेतु श्रद्धालुओं का सबसे अधिक भीड़ देखी जाती है। साथ ही साथ पांचों पांडवों का मुर्ति का भी श्रद्धालुओं पूजा करते हैं।

खबर अच्छी लगी? शेयर करें