बिहार के सहरसा जिला में साइबर अपराधियों का तांडव है जारी विदेश के साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं स्थानीय लोग मोबाइल फोन के द्वारा की जा रही है क्राइम
साइबर अपराधियों पर नहीं हो पा रही है पुलिसीया कार्रवाई चौकिदार और थाना दलाल के द्वारा बच रहे हैं साइबर अपराधियों
समाचार डेस्क ज्ञानमाला नैशनल टीवी📺 न्यूज़ चैनल
सोनबरसा राज (सहरसा) । बिहार के सहरसा जिला अन्तर्गत सोनबरसा राज प्रखण्ड क्षेत्र के काशनगर थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों के द्वारा जनता के साथ बड़े पैमाने पर की जा रही क्राइम से मोबाइल फोन धारक जनता में काफी खौफ देखा जा रहा है। वहीं पुलिस द्वारा पकड़े गए साइबर अपराधियों को रिश्वत लेकर छोड़ दिए जाने की खबर और उसकी ओडियो किलिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद सहरसा पुलिस प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने से मोबाइल फोन धारक जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।
मालूम हो कि उक्त साइबर क्राइम की खबर को दैनिक भास्कर समाचारपत्र एवं विभिन्न समाचारपत्र में विस्तार से दिनांक 08 जुलाई 2024 को प्रकाशित किया गया था। वहीं काशनगर थाना के चौकिदार दिलीप पासवान के साथ लेनदेन की ओडियो किलिप भी सोशल मीडिया पर चल रही है कि किस तरह से गिरफ्तार साइबर अपराधियों को रिश्वत लेकर और कितना राशि पर डील हुआ है। साथ ही साथ यह भी आश्चर्य की बात है कि काशनगर थाना के हाजत या फिर थाना में गिरफ्तार साइबर अपराधियों को नहीं रख एक दलाल के घर पर रखकर मामला को चौकिदार और दलाल ने मामले को डील किया है। जो चर्चा की विषय बना हुआ है। बावजूद सहरसा पुलिस प्रशासन के द्वारा आजतक उक्त मामले की जांच पड़ताल और कार्रवाई नहीं किये जाने से जनता में गलत संदेश पुलिस प्रशासन की जा रही है कि कहीं पुलिस का भी तो संरक्षण साइबर अपराधियों को प्राप्त नहीं है।
ज्ञात हो कि यदि साइबर क्राइम ब्रांच विभाग और पुलिस काशनगर थाना के चौकिदार दिलीप पासवान से व शिक्षक सुबोध कुमार से पूछताछ कर कार्रवाई करे तो साइबर क्राइम का बड़े पैमाने पर पर्दाफाश हो सकती है तथा सहरसा जिला में साइबर क्राइम पर रोक लग सकती है। वैसे काशनगर थाना में उस समय रहे थानाध्यक्ष अरमोद कुमार का तबादला हो चुकी है और वह इस मामले को गलत बता रहे हैं। फलस्वरूप यह मामला ओडियो किलिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद और संदिग्ध प्रतित हो रही है। अब देखना है कि साइबर क्राइम पर सहरसा जिला पुलिस कितना कारगर सिद्ध हो पाती है।