सोनबरसा नगर पंचायत के विकास कार्य योजनाओं की राशि खर्च मामले को लेकर विवाद जारी दो सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने दिया त्यागपत्र वार्ड पार्षद संघ का हुआ गठन बैठक में मुख्य पार्षद पर लगा कई आरोप

सोनबरसा नगर पंचायत के विकास कार्य योजनाओं की राशि खर्च मामले को लेकर विवाद जारी दो सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने दिया त्यागपत्र वार्ड पार्षद संघ का हुआ गठन बैठक में मुख्य पार्षद पर लगा कई आरोप

वार्ड पार्षद सदस्यों के द्वारा आरटीआई के माध्यम से मांगा जा रहा है विकास कार्य योजनाओं की राशि खर्च का हिसाब 16 में से 13 वार्ड पार्षद सदस्य हैं नाखुश

समाचार डेस्क ज्ञानमाला नैशनल टीवी📺 न्यूज़ चैनल

सोनबरसा राज (सहरसा) (आससे) ।सोनबरसा नगर पंचायत में विकास राशि की बंटवारा में अनियमितता एवं वार्ड पार्षदों को कार्यालय में सम्मान नहीं दिए जाने तथा विकास कार्य योजना मनमानी तरिके से वितरण किए जाने को लेकर अब विवाद धरातल पर आ गयी है। फलस्वरूप वार्ड पार्षद संघ का गठन होना, आरटीआई के तहत हिसाब मांगे जाना तथा सशक्त स्थाई समिति के 3 सदियों में से 02 के द्वारा त्यागपत्र दिए जाने एवं बैठक में वादविवाद होना सामिल है। वहीं नगर पंचायत सोनबरसा के अध्यक्ष मनीष कुमार के द्वारा कहा गया है कि गठन से लेकर आजतक के सभी विकास कार्य योजनाओं का होगी जांच। 
मालुम हो कि सोनबरसा नगर पंचायत को वर्ष 2022-2023 और वर्ष 2023-2024 में मिली लगभग 9 कड़ोड़  विकास राशि का उपयोग कहाँ हुआ और कैसे हुआ है यह वार्ड पार्षद सदस्यों को भी नहीं है पता, फलस्वरूप जनता के द्वारा प्रतिदिन वार्ड पार्षद सदस्यों से हिसाब मांगे जाने के बाद 16 में से 13 वार्ड पार्षद सदस्यों ने कार्यालय से हिसाब मांगने लगे और जब हिसाब नहीं मिली तो वार्ड पार्षद सदस्यों ने गोलबंद हो विवाद की बिगुल फूँक दिया है। 
सनद रहे कि सबसे पहले वार्ड पार्षद सदस्यों ने आरटीआई के माध्यम से विकास कार्य योजना की जानकारी की मांग किया, फिर नहीं सूनने पर वार्ड पार्षद संघ का गठन किया और जब बैठक में भी वार्ड पार्षद सदस्यों को सम्मान नहीं मिला और बहसबाजी चलती रही तो 03 में से 02 सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने अपना त्यागपत्र कार्यपालक पदाधिकारी को सौंप दिया एवं विकास कार्य योजना की जांच का मांग कर दिया। 
आपको बताते चलेंकि वार्ड पार्षद संघ का हुआ सर्वसम्मति से चुनाव व गठन में मनोज कुमार रजक अध्यक्ष, विक्रम कुमार उपाध्याय , गंगो देवी महासचिव तथा रुपसाना खातुन कोषाध्यक्ष के रूप में चुना गया तथा अन्य वार्ड पार्षद सदस्यों को कार्यकारणी सदस्य के रूप में चुनाव किया गया है। 
वहीं 02 सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि मुझे नगर पंचायत सोनबरसा में सशक्त स्थाई समिति का सदस्य जबसे बनाया गया है तबसे आजतक में न तो बैठक हुई है और नहीं बैठक कराई गई है। जब भी कोई सरकारी कागज पर हस्ताक्षर कराने के लिए आफिस से स्टाप आते थे मैं सिर्फ दस्तक (हस्ताक्षर) कर देता था, न कोई लिखावट रहता था मतलब कुछ लिखा हुआ नहीं रहता था। मैं जब आफिस के स्टाप से जानकारी मांगते थे तो जबाब नहीं दिया जाता था। नगर पंचायत में मुख्य पार्षद के द्वारा योजना में भारी अनियमितता किये जाने की शिकायत सून कर मैं काफी तनाव में आ गया हूँ जिसके चलते मैं सशक्त स्थाई समिति पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ। इस तरह से 02 सशक्त स्थाई समिति के सदस्य (01) विक्रम कुमार (02) गंगो देवी ने अपना त्यागपत्र बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी को सौंप दिया है। वहीं वार्ड पार्षद जयकुमार रजक आदि के द्वारा आरटीआई के माध्यम से विभिन्न मुद्दे पर किया गया विकास कार्य योजना की राशि खर्च का हिसाब की मांग किया है। 
ज्ञात हो कि नगर पंचायत सोनबरसा की हुई बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर काफी शोर शराबे की बीच बहस चली और बैठक में आई विवाद को देखते हुए बैठक में विकास कार्य योजना की मांग आदि लेने के बाद बैठक को समाप्त कर दिया गया। 
नगर पंचायत सोनबरसा के मुख्य पार्षद मनीष कुमार ने बैठक के पश्चात पत्रकारों को कहा कि मैं सभी विकास कार्य योजनाओं की जांच के पक्ष में हूँ। मैं जनता की विकास कार्य योजनाओं के पक्ष में हूँ और जहाँ तक विकास कार्य योजनाओं की राशि खर्च की बात है, उसे भी सभी के सामने रख दूंगा। कहीं भी गड़बड़ी नहीं हुई है।