कलयुगी पुत्र ने माता-पिता को छोड़ा बेसहारा देखने के लिए कोई पुत्र नहीं है तैयार

गया बिहार
संवाददाता अशोक शर्मा।

कलयुगी पुत्र ने माता-पिता को छोड़ा बेसहारा देखने के लिए कोई पुत्र नहीं है तैयार


सरवां बाजार में एक वृद्ध व्यक्ति का बहुत ही दुखद ।

गया जिला के बाराचट्टी प्रखंड स्थित सरवां बाजार के आमिर बेटा एक नहीं तीन तीन बेटा तीनों है धनवान बावजूद अमिरी में अपने -अपने परिवार को साथ रख,बनाया माता पिता से दुरी । माता पिता को वेशहारा छोड़  अपने कर रहा है मौज मस्ती। फलस्वरूप खाने के बिना अस्वस्थ हो पिता का हो गया निधन। इस उम्र में 
भूख के कारण से और सेवा ना मिलने के कारण से उनका मृत्यु हो गया, जबकी उनके तीन पुत्र हैं सुखी सम्पन्न एवं लखपति । तीनों पुत्रों के दो- दो जेवर के बड़े-बड़े दुकान है, बड़ा बेटा गया बाजार के मेडिकल में है, मंझला बेटा पंचानपुर और टेकारी में है और छोटा बेटा टेकारी में है। सभी लोगों के पास बड़े और आलीशान घर हैं। 
उसके बावजूद इन लोगों के पास माता- पिता के लिए कोई स्थान नहीं था। 
जीवित रहते भर में इन लोगों ने कभी सेवा नहीं कारा, गांव वालों में जिनसे जो बन पाया उनका सेवा किया, 
पिताजी को 3-4 वर्ष से लाकवा मारा हुआ था उसके बावजूद उन्हें अकेला छोड़ दिया गया, माँ का पैर टूटा हुआ था उसके बावजुद में अकेला छोड़ दिया गया उनके अपने हाल पर। 
दिनांक 04/06/2024 को आख़िरकार जंग को लड़ता हुआ वह कलयुगी पुत्र का पिता हर गया और मृत्यु को प्राप्त हुआ ।
मृत्यु के बाद भी लोग आने से कतरा रहे थे और आने के बाद आपस में झगड़ा झंझट शुरू हो गया ,
विधि के अनुसर बड़े पुत्र को नैतिक जिम्मेवारी बनता है कि पिता का देहांत होने के बाद दास संस्कार मुखअग्नि बड़े पुत्र ही देता है लेकिन तीनों पुत्र को इनकार करने के बाद माता के भाई की पुत्रणी पुत्र ने दादा को दिया मुखरगनी।