लोकसभा चुनाव की मतदान के बाद चौपालों से खबर आ रही है कि सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को नहीं मिलने जा रही है बहुमत
सरकार बनाने के लिए अन्य दलों से लेना पड़ेगा मदद
समाचार डेस्क ज्ञानमाला नैशनल टीवी📺 न्यूज़ चैनल
सोनबरसा राज (सहरसा) (आससे) । मधेपुरा लोकसभा चुनाव की मतदान समाप्त होने के बाद मतदाता अपनी क्षेत्र सहित देश की लोकसभा चुनाव में जहाँ जीत और हार की बातें चौपालों से लेकर बाजार की चायपान दूकानों पर करने में मस्त देखा जा रहा है वहीं इसबार सरकार किसकी बनेगी पर भी जोरदार बहस करते नजर आ रहा है। मधेपुरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र में जहाँ एक ओर एनडीए के जदयू उम्मीदवार दिनेशचन्द्र यादव का जीत पक्की मान रहे हैं तो वहीं एनडीए की सरकार बनाने में चुप हो जा रहे हैं। मतलब परिणाम क्या होगा इसपर लोग चुप हो जाते हैं।
मालुम हो कि चौपालों में हुई चर्चा के अनुसार बिहार में एनडीए को 25 सीट तो वहीं इंडिया गठबंधन को 15 सीट लाने की बात बोल रहे हैं। देश में कुल 543 सीटों में से 253 सीट एनडीए, 255 सीट इंडिया गठबंधन और 35 सीट अन्य को लेने की बात बता रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में देश स्तर पर एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच जबरदस्त कांटे की टक्कर बताते हुए लोग कहते हैं कि बंगाल में एनडीए को 12 तो विपक्ष को 30 , झारखंड में एनडीए को 05 तो विपक्ष को 9, छत्तीसगढ़ में एनडीए को 07 और विपक्ष को 04 , मध्यप्रदेश में एनडीए को 22 और विपक्ष को 07, महाराष्ट्र में एनडीए को 17 और विपक्ष को 29 अन्य को 02 , तेलंगाना में एनडीए को 04 में 04 सीट, कर्नाटक में एनडीए को 10 और विपक्ष को 18 , गोआ में एनडीए को 01 और विपक्ष को भी 01, केरला मे एनडीए को 01 और विपक्ष को 09 , तामीलनाडू में एनडीए को 01 और विपक्ष को 38, आन्ध्रप्रदेश राज्य में एनडीए को 09 और विपक्ष को 01 जबकि लोकल पार्टी को 15 सीट मिलने जा रही है। इसीतरह से गुजरात में एनडीए को 03 और विपक्ष को 23 सीट, राजस्थान में एनडीए को 10 और विपक्ष को 15 , पंजाब में एनडीए को 01 और विपक्ष को 10 एवं अन्य को 02 सीट मिलने की उम्मीद है। हरियाणा में एनडीए को 03 और विपक्ष को 07 जम्मूकश्मीर में एनडीए को 02 और विपक्ष को 04 , हिमाचल प्रदेश में एनडीए को 02 और विपक्ष को भी 02 , उत्तराखंड में एनडीए को 04 और विपक्ष को 01, दिल्ली में एनडीए को 05 और विपक्ष को 02 सीट, उत्तरप्रदेश में एनडीए को 54 और विपक्ष को 24 एवं अन्य को 02 सीट मिलने की उम्मीद है। बिहार में एनडीए को 25 और विपक्ष को 15 सीट मिलने की उम्मीद है। उड़ीसा में एनडीए को 07 और विपक्ष को 03 एवं लोकल बीजूपटनायक के पार्टी को 11 सीट मिलने की उम्मीद है। सीक्म में एनडीए को 01, आसाम में एनडीए को 08 और विपक्ष को 06 सीट मिलने की उम्मीद है। मेघालय में एनडीए को 01 और विपक्ष को भी 01 सीट, उड़नाचलप्रदेश में भी एनडीए को 01 और विपक्ष को भी 01, नागालैंड में विपक्ष को 01 मणिपुर में एनडीए को कुछ नहीं और इंडिया गठबंधन को 02, मिजोरम में एनडीए को कुछ नहीं विपक्ष को 01, त्रीपुरा में एनडीए को 01 और विपक्ष को भी 01, अंडमान निकोबार में एनडीए को कुछ नहीं विपक्ष को 01, लक्ष्यद्वीप में एनडीए को कुछ नहीं और विपक्ष को 01 पाण्डूचेरी में एनडीए को 01 और विपक्ष को कुछ नहीं, दादर में एनडीए को कुछ नहीं और विपक्ष को 02 चण्डीगढ़ में एनडीए को कुछ नहीं और विपक्ष को 01 सीट मिलने की उम्मीद है।
कुल 543 सीटों पर चुनाव हो रही है कल 20 मई 2024 को पांचवा चरण की मतदान होना है, एनडीए और विपक्ष दोनों मतदान की स्थिति से परेशान हैं। चर्चा है कि कुल मिलाकर एनडीए को 253 सीट और विपक्ष को 255 सीट तथा अन्य को 35 सीट मिलने की उम्मीद है। मतलब बहुमत किसी के पास नहीं आ रही है। फलस्वरूप पक्ष और विपक्ष दोनों परेशान हैं।
ज्ञात हो कि तीन चरणों में मतदान किसके पक्ष में अधिक होती है कौन अधिक सीट ला सकते हैं, यह देखने वाली बात है। लेकिन गाँव से शहर तक की चौपालों और चायपान की दूकानों में ऐसा ही उम्मीद लगाया जा रही है। अब देखना है कि कौन सा पार्टी ताज पहनती है। सबसे खास बात इस बार की चुनाव में यह देखा गया कि मतदाताओं में कोई दिलचस्पी नजर नहीं आ रही थी। कोई धारा 370 को हटाने पर खुश थे तो कोई गैस सिलेंडर, डीजल पेट्रोल और बाजार में बढ़ी महंगाई से त्रस्त नजर आ रहा था।