भुमि विवाद को लेकर महिला को मारपीट कर हाथ का हड्डी तोड़ किया घायल बेनग्न कर आभूषण छीना
सोनबरसा राज थाना में 22 दिन बाद हुई एफआईआर दर्ज पुलिस की निष्क्रियता से जनता में है आक्रोश
112 नम्बर की पुलिस गस्ती वाहन से भी जनता को नहीं मिल पा रही है लाभ पुलिस की निष्क्रियता से बढ़ रही है अपराध
मामला दर्ज होने के बाद वरिये पुलिस पदाधिकारी के द्वारा अनुसंधान में विलम्ब होने से अपराधी का मनोबल में देखा जा रहा है वृद्धि
समाचार डेस्क ज्ञानमाला नैशनल टीवी📺 न्यूज़ चैनल
सोनबरसा राज (सहरसा) (आससे) । सोनबरसा राज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत सोनबरसा राज वार्ड क्रमांक 02 निवासी संतोष यादव की पत्नी सोनी देवी को गांव के ही परोसी लोगों ने भुमि विवाद को लेकर मारपीट कर हाथ की हड्डी तोड़ दिया तथा पहने हुए गहना छीन कर बस्त्र को हटा बेनग्न कर दिया है का एक सनसनी खेज मामला प्रकाश में आई है। उक्त मामले में पिड़ित सोनी देवी ने सोनबरसा राज थाना में एक मामला दर्ज करते हुए सुशांत यादव, प्रशांत यादव, सुनील यादव, ओमप्रकाश यादव और काजल देवी को नामजद अभियुक्त बनाई है। मामला दर्ज होने के बाद सोनबरसा राज थाना पुलिस कार्रवाई में जुट गयी है।
मालुम हो कि पिड़ित सोनी देवी ने थाना में दिये गए आवेदन पत्र में लिखी है कि दिनांक 30/04/24 दिन मंगलवार संध्या 06:00 बजे लगभग (1) सुशांत यादव 25 वर्षीय (2) प्रशांत यादव 23 वर्षीय दोनों के पिता सुनील यादव (3) सुनील यादव (4) ओमप्रकाश यादव दोनों का पिता स्वर्गीय नूनू प्रसाद यादव और (5) काजल देवी पति सुशांत यादव सभी ग्राम सोहा वार्ड क्रमांक 02 थाना सोनबरसा राज जिला सहरसा ने एक नाजायज मजमा बना कर लाठी, डंडा व हरबे हथियार व थ्रीनट से लैस होकर काफी गर्म व आग बबूला होकर मेरे आंगन व दरवाजा पर आकर जमीन विवाद को लेकर भद्दी भद्दी गाली गलौज करने लगा तथा सुशांत यादव थ्रीनट तान दिया एवं सभी आरोपी मिलकर मुझे लाठी, डंडा, लात, मुक्का से मारमार कर जख्मी बना दिया और बांया हाथ का हड्डी तोड़ दिया और सभी आरोपी मिलकर मेरे नाक में पहना चार आना भरी का सोने का नकमुन्नी की कीमत सत्रह हजार का तथा मेरे दोनों कान में पहना सोने का बाली वजन आठ आना भरी का कीमत पैंतीस हजार रुपये का सभी आरोपी जबरन छीन लिया तथा पहने हुए कपड़ा खींच कर बेनग्न कर दिया। घटना के बाद हमारे परिजनों एवं ग्रामीणों के द्वारा मुझे इलाज के लिए पीएचसी सोनबरसा राज में भर्ती करवाया गया जहाँ डाक्टर के द्वारा जख्म का प्राथमिक उपचार कर स्थिति को गंभीर हालत में देख बेहतर ईलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया। सभी आरोपी मिलकर मेरे उपर जानलेवा हमला किया जिसमें मैं बाल बाल बच गऐ हैं। इस ह्रदय विदारक घटना से गाँव में सनसनी फैल गई। गाँव का केवल दो आदमी मेरी मदद के लिए आगे आया। जबकि पूरा मोहल्ला चुपचाप अपनी आँखों के सामने अपराध होते देखता रहा। हम अपने ईलाज सहरसा से करवा रहे थे। ईलाज बाद आकर आवेदन पत्र दे रही हूँ। अतः निवेदन है कि कृपया कर कई फैसले लेते हुए त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की असीम कृपा की जाय ताकि आरोपी को उचित और सटीक जबाव मिल सके आपका विश्वासभाजिनी सोनी देवी।
ज्ञात हो कि वहीं विपक्षी पार्टियों के सुनील यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि यह सभी आरोप बेबुनियाद व मनगढंत है। इस तरह की घटना नहीं हुई है, सोनी देवी की हाथ पैर फिसलकर गिरने से हुई है। मैं भी आवेदन पत्र थाना में दिया है, जिसपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।