नगर पंचायत सोनबरसा के क्रियाकलापों से जनता में है आक्रोश
विकास कार्य नहीं होने से जनता है परेशान, पूराने रुप रेखा पर भी नहीं चल पा रही है नगर पंचायत सोनबरसा
जल निकासी, सड़क, विद्युतिकरण और अन्य कई विकास कार्य खोज रही है अपने उद्धारक को
सोनबरसा राज पंचायत और सोहा पंचायत की जनता कहती है कि इससे अच्छा तो पंचायती राज व्यवस्था ही उत्तम थी
समाचार डेस्क ज्ञानमाला नैशनल टीवी📺 न्यूज़ चैनल
सोनबरसा राज (सहरसा) । सोनबरसा राज पंचायत और सोहा पंचायत को मिला कर जबसे नगर पंचायत सोनबरसा का गठन हुई है विकास कार्य उक्त दोनों पंचायत में ठप हो गई है। नगर पंचायत सोनबरसा का गठन होने पर इस दोनों पंचायत की जनता को उम्मीद थी कि अब विकास कार्य सही रुप से चलेगी लेकिन ठीक विपरीत हो गई है। नहीं जल निकासी हेतु नाला का निर्माण हो रही है नहीं पूराना नाली का जिर्नोंधार ही हो रही है, नहीं नगर पंचायत क्षेत्र में पीने का पानी का ही समुचित व्यवस्था है। नया सब्जी मंडी का भी कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। सड़क पर ही सब्जी मंडी पूर्व की तरह ठेला और सड़क किनारे लगाया जा रहा है। बस स्टैंड का भी वही पूराना रवैया है कहीं भी वाहन वाले रोक कर बस स्टैंड बना लेते हैं। शौचालय भवन निर्माण के लिए पहले जनता को पंचायत से राशि मिल रही थी उस पर भी रोक लग गयी है। गरीब को पक्का भवन निर्माण के लिए सरकार की ओर से राशि मिल रही थी उस पर भी रोक लग गयी है। फलस्वरूप विभिन्न प्रकार की विकास कार्य ठप पड़ गया है।
मालुम हो कि नगर पंचायत की राशि से जहाँ भी कुछ सड़क निर्माण कार्य कहिये या फिर रिपैरिंग कार्य वह तैयार होने के कुछ दिन बाद ही ध्वस्त होने लगा है। मतलब दो नम्बर का सिमेंट इस्तेमाल कर कार्य किया गया, जिसका उदाहरण सभी के सामने है।
ज्ञात हो कि ऐसा भी बात नहीं है कि विकास कार्य नहीं किया गया है किया गया है लेकिन वह ऐसा घटिया कार्य किया गया है कि जनता को कुछ समझ में ही नहीं आ रही है कि यह कौन सा विकास कार्य है जो एक तरफ निर्माण हो रही है और दूसरी तरफ वह ध्वस्त हो रही है। सोनबरसा राज पंचायत और सोहा पंचायत की एक भी जनता नगर पंचायत सोनबरसा की गठन और उसके द्वारा किया जा रहा विकास कार्य से खुश नजर नहीं आ रही है। सभी कहते हैं इससे अच्छा तो पंचायती राज व्यवस्था ठीक थी।