जिला टॉपर को सम्मानित कर अभिभूत हुए सौर बाजार थानाध्यक्ष अविनाश कुमार

रिपोर्ट मिथिलेश कुमार, सौर बाजार, सहरसा

जिला टॉपर को सम्मानित कर अभिभूत हुए सौर बाजार थानाध्यक्ष अविनाश कुमार


कुछ दिन पूर्व मुझे न्यूज़ के माध्यम से पता चला कि मेरे सौरबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंदौर का रहने वाला एक युवक गोपाल कुमार ने पूरे सहरसा जिला में इंटरमीडिएट के एग्जाम में टॉप किया है, साथ ही राज्य स्तर पर भी टॉपर्स की लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है। ईमानदारी से कहूं तो सौरबाजार थानाध्यक्ष के करीब 4 माह के अपने कार्यकाल में चंदौर गांव की छवि कुछ असामाजिक तत्वों के कारण मेरे नजर में अब तक बहुत अच्छी नहीं रही है, बावजूद इसके जब मुझे गोपाल जैसे एक बिल्कुल ही साधारण परिवार के युवक, जिसके पिता एवं माता जी पंजाब में रहकर मंडी में मजदूरी का काम करते हैं, वह कम संसाधन एवं कम उम्र से ही अपने अभिभावकों से दूर रहकर भी पूरे जिला में टॉप करता है एवं राज्य में अपना स्थान बनाता है। उसके पारिवारिक स्थिति का आलम इस परिदृश्य से भी बयान हो सकता है की अभी जब यह लड़का जिला में टॉप करता है और सभी उसे बधाई देते हैं फिर भी इस खुशी मे भी उसके पिता अपनी मजदूरी छोड़कर पंजाब से वापस नहीं आ सके। जब इसकी जानकारी मिली तो मुझे लगा कि ऐसे लोगों के लिए क्या शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए? बहुत सोचते हुए मुझे एक प्रसिद्ध साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल की एक पुस्तक डार्क हॉर्स का ध्यान आया, जिसे मैंने करीब तीन साल पहले पढ़ा था। जिसका नायक भी बिहार के ही एक छोटे से गांव से निकलकर भारत के सबसे बड़े प्रशासनिक परीक्षा ऐसी हालात में पास करता है, जबकि लोग उससे ऐसा कतई उम्मीद नहीं करते।  गोपाल का चरित्र भी मुझे इस उपन्यास के नायक का चरित्र से मिलता जुलता लगा। संयोगवश वह डार्क हॉर्स पुस्तक मेरे पास था। इतने प्रतिभावान युवक को देने के लिए मेरे पास ना तो उतना काबिलियत है और ना ही उतना संसाधन। इसलिए मैंने अपने पास से एक डायरी पेन के साथ डार्क हॉर्स पुस्तक देकर उसका उत्साहवर्धन करना अपना सौभाग्य समझा। गोपाल ने बताया कि वह बचपन से अब तक अपने गांव में ही रहकर पढ़ाई किया है और मैट्रिक की परीक्षा मे भी जिला टाॅपर रहा था। गोपाल इसी महीने आईआईटी की परीक्षा देने वाला है, जिसकी तैयारी भी वह गांव से ही रहकर करता है। आगामी सभी परीक्षा एवं उसके जीवन के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए मुझे यह गर्व का एहसास हो रहा है कि मैं उस थाना क्षेत्र का थाना प्रभारी हूं जिसके एक गांव में रहने वाला युवा पूरे जिला के युवाओं के लिए वास्तविक रोल मॉडल हो सकता है। सैल्यूट है गोपाल जैसे जीवटता, जुझारूपन, लगनशील और उत्साही युवक को और नमन इसके माता पिता को🙏
जय हिंद।