मधेपुरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र में मुख्य मुकाबला जदयू प्रत्याशी दिनेशचन्द्र यादव और राजद प्रत्याशी प्रोफेसर कुमार चन्द्रदीप के बीच होना तय

मधेपुरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र में मुख्य मुकाबला जदयू प्रत्याशी दिनेशचन्द्र यादव और राजद प्रत्याशी प्रोफेसर कुमार चन्द्रदीप के बीच होना तय

चौपालों में बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार पर बहस जारी

पांच किलो अनाज, और सलाना 06 हजार रुपये देने से नहीं कटेगी जीवन, सत्ता परिवर्तन का मन बना रहे हैं मतदाता

समाचार डेस्क ज्ञानमाला नैशनल टीवी📺 न्यूज़ चैनल

सोनबरसा राज (सहरसा) (आससे) ! मधेपुरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र में जैसे जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है और किसानों अपनी रवि फसल की तैयारी से निपट कर फ्री होते जा रहे हैं चौक चौराहों और चौपालों में चुनाव को लेकर बहस तेज होती जा रही है! मधेपुरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र में इसबार जाति, धर्म और मजहब से उपर उठकर विकास, मंहगाई और बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बनाते नजर आ रही है! जनता उक्त तीनों मुद्दों पर जमकर बहस करती है और कहती है कि 05 किलो अनाज, मुफ्त में एलपीजी गैस सिलेंडर, सलाना 06 हजार रुपये किसानों को, सड़क और बजली से क्या जीवन सुधार जाएगी। 
मालुम हो कि मतदाताओं सबसे बड़ा मुद्दा बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर बहस चल रही है और इसे ही मुख्य मुद्दा बना ली है! फलस्वरूप जहाँ एक ओर एनडीए के जदयू प्रत्याशी दिनेशचन्द्र यादव को मतदाता नकारने लगी है वहीं इंडिया गठबंधन के राजद उम्मीदवार प्रोफेसर कुमार चन्द्रदीप का रास्ता सुगम होता देखा जा रही है! 
मतदाताओं का कहना है कि थाली से दाल और सब्जी गायब होते जा रही है, आलू, प्याज, तेल और नमक तक की किमत आसमान छू रही है। पैट्रोल- डीजल और किरासन तेल की किमत काफी बढ़ गई है जो घटने की नाम नहीं ले रही है! वाहन भाड़ा बढ़ने से सब्जी, कपड़ा आदि की किमत में आग लग गयी है और फलों का किमत का क्या कहना है। सरकारी कार्यालयों में चपरासी से लेकर किरानी और पदाधिकारियों का पद रिक्त है और बेरोजगारी की मार से लोग त्रस्त है। सरकारी कार्यालयों में ठिका पर, मनदेय पर विभिन्न विभागों में निजी संस्थाओं को बहाल कर काम लिया जाता है, जो बिना रिश्वत लिए वह काम ही नहीं करता है। जहाँ तक विकास कार्यों की बात रही तो किसी भी विकास कार्यों में गुणवत्ता की ठिकाना नहीं है। चाहे वह सड़क, पुल पुलिया, भवन और नलकूप ही क्यों नहीं हो बनाने व निर्माण होने के मात्र छ: माह में ही वह ध्वस्त हो जाती है! मतलब सभी जगह जनता की राशि का लूट मची हुई है फिर ऐसे पार्टी को विजयी बनाने का क्या अर्थ रह जाती है! इसलिए हमसभी मन बना लिया है कि सत्ता परिवर्तन करना ही मात्र एक विकल्प रह गया है! 
ज्ञात हो कि मधेपुरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र में 07 मई को मतदान होना है लगभग सरकारी स्तर पर चुनाव आयोग के आदेशानुसार सहरसा और मधेपुरा जिला प्रशासन ने मतदान करवाने हेतु लगभग सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली है! अब देखना है कि ऊंट किस करवट बैठती है! वैसे उम्मीदवारों की संख्या 8 है लेकिन मुख्य मुकाबला एनडीए उम्मीदवार जदयू के दिनेशचन्द्र यादव और इंडिया गठबंधन के राजद उम्मीदवार प्रोफेसर कुमार चन्द्रदीप में ही लग रही है।