निर्माण के दो साल में ही टूट-टूट कर बिखर गई ग्राम सड़क योजना की सड़क

रिपोर्ट मिथिलेश कुमार 

निर्माण के दो साल में ही टूट-टूट कर बिखर गई ग्राम सड़क योजना की सड़क

सौरबाजार/सहरसा- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़के दो वर्ष के बाद ही टूट कर उखड़ने लगी। स्थानीय लोग इस सड़क की हाल देखकर दंग है। सड़क पर कई जगह तीन से चार फीट गड्ढे हो गए हैं। गिट्टी उखड़कर इधर-उधर बिखर रही है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क प्रखंड क्षेत्र के खजुरी दक्षिण वारी टोला रमेश यादव के घर से रामानंद यादव के घर तक लागत करीब 21 लाख 55 हजार 790 की हैं। आरोप हैं कि विभाग एंव संवेदक की लापरवाही के कारण इसके निर्माण के समय गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया। संवेदक ने इसके निर्माण में जमकर लापरवाही बरती है। मानक के अनुसार सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया। जिसके कारण 2 वर्ष के बाद सड़क टूटने लगी हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। निर्माण के 2 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इसके रखरखाव का काम शुरू नहीं हुआ है। इसका नतीजा है कि सड़क कई जगह टूट टूट कर क्षत्रिग्रस्त हो गए हैं। इसके बावजूद संवेदक अथवा विभागीय अभियंता मरम्मत कार्य पर ध्यान नहीं दे रहें हैं। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क बोर्ड पर 14 जुलाई 2020 को निर्माण कार्य शुरू हुआ था जो दर्शाया गया है।लेकिन कब कार्य समाप्ति की गई थी तिथि नहीं दर्शाया गया है। लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने विभाग से मरम्मत करने की मांग की है ताकि ग्रामीण लोगों को आवाजाही करने में परेशानी नहीं हो।