बिहार से मन भरा... अब दिल्ली दरबार का 'रत्न' बनने की तैयारी में ये 14 माननीय, ये गए तो उपचुनाव तय
बिहार विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ने के बाद प्रदेश के 13 विधायक और एक विधान परिषद सदस्य संसद की सीढ़ियां चढ़ने को लेकर चुनावी मैदान में हैं। इनमें से पांच लोगों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। बाकी लोग अपनी जीत के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद प्रदेश के 13 विधायक और एक विधान पार्षद अब दिल्ली जाने के लिए सांसदी का चुनाव लड़ रहे हैं। संसद भवन यात्रा की तैयारी में इनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। इनमें से पांच की किस्मत पहले ही ईवीएम में बंद हो चुकी है। बाकी अन्य अपनी जीत के लिए अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बता दें कि सभी सात चरणों में कोई न कोई विधायक या विधान पार्षद अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
आरजेडी के सात विधायक चुनावी मैदान
बिहार की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी ने अपने 7 विधायकों को टिकट दिया है। इसके अलावा जेडीयू से एमएलए रहीं बीमा भारती को पूर्णिया से मैदान में उतारा है। भाकपा (माले) के दो और कांग्रेस के एक विधायक चुनाव लड़ रहे हैं। एनडीए में हम पार्टी के एक विधायक और जदयू के एक विधान पार्षद चुनावी मैदान में हैं।
अगर पार्टीवार बात करें तो आरजेडी ने गया लोकसभा क्षेत्र से बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत, दरभंगा सीट से दरभंगा ग्रामीण विधायक ललित यादव, बक्सर से रामगढ़ के सुधाकर सिंह, उजियारपुर से उजियापुर के आलोक मेहता, अररिया से जोकीहाट के शाहनवाज आलम, जहानाबाद से बेलागंज विधायक डॉ सुरेंद्र प्रसाद यादव, सिवान से स्थानीय विधायक अवध बिहारी चौधरी को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, रूपौली से जदयू विधायक बीमा भारती ने विधान सभा से इस्तीफा देकर आरजेडी के टिकट पर पूर्णिया से चुनाव लड़ रही हैं।
दूसरी ओर माले ने नालंदा से पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, आरा से तरारी विधायक सुदामा प्रसाद को मैदान में उतारा है। कांग्रेस से भागलपुर के स्थानीय विधायक अजीत शर्मा वहीं से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। एनडीए में बीजेपी ने अपने अनुभवी प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। हम संरक्षक और इमामगंज विधायक जीतनराम मांझी गया से चुनाव लड़ रहे हैं। जदयू ने अपने एमएलसी और विधान परिषद् के सभापति देवेशचंद्र ठाकुर को सीतामढ़ी से उम्मीदवार बनाया है।
किशनगंज से चुनाव लड़ रहे अख्तरुल ईमान
वहीं एआईएमआईएम के एकमात्र विधायक अख्तरुल ईमान किशनगंज सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जो पूर्णिया के आमौर से विधायक हैं। अगर ये जीतते हैं तो बिहार विधानसभा में एआईएमआईएम का प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा, लेकिन बिहार से लोकसभा में पार्टी का खाता खुल जाएगा। पिछले विधानसभा में इस पार्टी के 5 विधायक थे, जिनमें से 4 पहले ही आरजेडी में शामिल हो गए हैं। गया में दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार विधायक हैं। यानी यहां सांसद बनने वाले उम्मीदवार के विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होगा