डोभी मे बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित प्रशिक्षु अवसरों का प्रशिक्षण हुआ संपन्न

संवाददाता सौरभ कुमार मिश्रा 



डोभी मे बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित प्रशिक्षु अवसरों का प्रशिक्षण हुआ संपन्न

लोकेशन :- डोभी/गया 


गया(बिहार):- 10 मार्च 2024:- गया जिला के डोभी मे बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित 30 प्रशिक्षु अवसरों का प्रशिक्षण हुआ संपन्न।आगे बताते चले की 
डोभी प्रखंड  सोनबर्षा और कौआबार गांव में एक सप्ताह तक चलने वाला प्रशिक्षण सफलता पूर्ण संपन्न हुआ है। प्रशिक्षण के दौरान जीविका इमल्शन प्रशिक्षण प्रोग्राम मे प्रशिक्षु अवसरों ने जीविका के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र मे विकास से जुड़ी सभी गतिविधियां को ध्यान से देखा,परखा और कई महत्वपूर्ण जानकारी हासिल किया गांव में जीविका के दीदी के घर में रात बिताया दीदी और उनके परिजन ने मान सम्मान के साथ भाई बहन के प्रेम के साथ रखा प्रशिक्षणार्थी प्रमोद कुमार विद्यार्थी ने बताया कि चार मार्च से नौ मार्च तक ग्रामीणों के बीच रहकर तमाम पहलुओं की बारीकी से जानने का प्रयास किया। उनके रहने सहने के तौर तरीके को समझा उनकी समस्या को सुना। उन्होंने बताया जीविका ने महिलाओं को हर क्षेत्र में क्रांति लाया है। घर के चार दिवारी से अपने घुंघट के बीच रहने वाली महिलाएं आज कई क्षेत्रों में अपना स्थान पुरुषों से जीविका के माध्यम से बना लिया है। जिसमें जीविका का महत्वपूर्ण योगदान देखा गया। दरअसल, 'जीविका' स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क है। यह बिहार सरकार के ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन सोसायटी (BRLF) की निबंधित संस्था है। बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को सशक्त सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'जीविका' काम करती है।जीविका के तहत सबसे पहले ग़रीब महिलाओं को चुना जाता है, जिनके पास आय का कोई साधन नहीं होता है। ऐसी 10 से 12 महिलाओं का एक सेल्फ़ हेल्प ग्रुप बनाया जाता है, ताकि किसी काम काज से जुड़ सके। बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका ) को ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक- सं०सं० ग्रा०वि० - 7 / एन0आर0एल0 एम 0-52/10/3699, दिनांक:05/04/2011 के आधार पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के रूप में कार्य करने के लिये नामांकित किया गया है ताकि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का कार्य विस्तारित किया जा सके। जीविका" गरीबी उन्मूलन के लिए बिहार सरकार की एक पहल है। जीविका - बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना, विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त बिहार सरकार की एक परियोजना है। इसका उद्देश्य स्व-प्रबंधित सामुदायिक संस्थान बनाकर और स्थायी आजीविका के माध्यम से आय में वृद्धि करके ग्रामीण गरीबों को सशक्त बनाना है। इस टीम में अमरेंद्र कुमार, अतुल विक्रम, तनु कुमारी, अल्पिक सिंह, सुमंत राज, अमरजीत सिंह, पियूष कुमार, प्रशांत कुमार मो•नादिम उद्दीन, शिवेंदु कुमार आदि शामिल रहे। इस दौरान दीदी कई नर्सरी, दीदी कई रसोई, जे वायर्स, विटा मिक्स, बैंक, ग्रामीण बाजार, नीरा केंद्र आदि स्थानों पर जाकर जीविका दीदी के कार्यकलापो को देखा।