जिला पदाधिकारी द्वारा किया गया शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित

रिपोर्ट मिथिलेश कुमार, सहरसा

जिला पदाधिकारी द्वारा किया गया शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित

 जिलाधिकारी सहरसा श्री वैभव चौधरी आई०ए०एस० द्वारा समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता की गयी।
पूर्व के वैठक के अनुपालन प्रतिवेदन से समीक्षा से बैठक की शुरूआत हुई। न्यायालय संबंधी वादों की समीक्षा में पाया गया कि mjc के कोई मामले लंबित नहीं है।  cwjc के 25 मामले अभी अनिष्पादित बताए गए जबकि एक मामले lpa के लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने  निदेश दिया कि अनुमोदित sof को ससमय समर्पित करें। मुख्यमंत्री साइकिल योजना में 6.5 प्रतिशत बच्चों का डी बी टी नहीं होने पर सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सतत निगरानी कर पूरा कराने के निदेश दिए गए। किशोरी स्वास्थ्य योजना में भी शेष छूटे छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने के आदेश दिए गए।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सौर बाजार टाइप 4 के संचालक एवं वार्डेन से असंतोषजनक  स्पष्टीकरण जबाब प्राप्त होने के कारण पुनः स्पष्टीकरण दी गयी।
ICT लैब के सबंध में निदेश दिया गया कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी व जिला स्तरीय पदाधिकारी निरीक्षण के क्रम में सभी उपकरण खुलबा कर देखें। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी व अंचलाधिकारी को लैब की जाँच आई टी सहायक के साथ करने के निदेश दिए गए। सभी विद्यालयों के साइन्स लैब की भी जांच के आदेश दिए गए। शालासिद्धि पोर्टल पर विद्यालयों के स्वमूल्यांकन में छूटे सभी सरकारी व निजी स्कूलों के प्राचार्यों से शत-प्रतिशत अपलोडिंग कराने के निदेश दिए गए अन्यथा उन विद्यालयों की स्वीकृति रद्द कर दी जाएगी। असैनिक निर्माण के समीक्षा में नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों के लिए भू-उपलब्धता तथा उसके निर्माण के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गयी। अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्माण के कुल लक्ष्य 26 के विरुद्ध 4 कार्य पूर्ण व 16 कार्य अपूर्ण की स्थिति बतायी गयी।वैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी व जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने उनके कार्यालय से संचालित आवासीय विद्यालयों व छात्रावासों की जानकारी दी।
बताया गया कि जिले में प्राथमिक(1-5) विद्यालयों की संख्या 754,मध्य(1-8) विद्यालयों की संख्या 451 है जिसमें शिक्षकों की संख्या 7224 बतायी गयी। भूमिहीन विद्यालयों की संख्या 120 तथा भवनहीन विद्यालयों की संख्या 153 बतायी गयी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की संख्या 13 बतायी गयी। कस्तूरबा गांधी आवसीय विद्यालय महिषी के आधारभूत संरचना, शौचालय,पेयजल, आर ओ ठीक कराने के निदेश के अनुपालन प्रतिवेदन अपूर्ण रहने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) से स्पष्टीकरण की मांग की गई तथा उनके और विद्यालय के प्राचार्य के बेतन बंद का आदेश दिए गए। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में छात्राओं के अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कहा कि जब  व्यवस्था ठीक नहीं होगा तो बच्चियाँ  विद्यालयों में कैसे रहेंगीं। समावेशी शिक्षा में हियरिंग एंड स्पीचेज तथा मानसिक दिव्यांग बच्चों के जाँच के लिए दिव्यांगजन कार्यालय तथा सिविल सर्जन से समन्वय बनाकर कार्य करने के निदेश दिए गए। विद्यालयों में एनरोलमेंट विभागीय आदेश के आलोक में 15 फरबरी तक शत-प्रतिशत करने के निदेश दिए गए।नहीं होने पर सम्बंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी व प्राचार्य पर कड़ी करवाई के निदेश दिये गए। सक्षमता परीक्षा के विरोध में धरना-प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निदेश दिए गए।बिभिन्न सूचना माध्यमों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षकों द्वारा दिनांक 13/02/2024 को विद्यालय छोड़कर धरना-प्रदर्शन करने की योजना है।विभागीय निदेश के आलोक में यदि जिले में किसी प्रकार के धरना-प्रदर्शन का कार्य किया जाता है तो IPC की धारा 141 के तहत unlawful Assembly मानते हुए आवश्यक करवाई की जाएगी, साथ ही IPC के धारा 186/187 एवं अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। धरना-प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों को चिन्हित कर कड़ी अनुशासनिक करवाई करने के निर्देश भी दिए गए।