लोक सभा चुनाव को लेकर सेक्टर पदाधिकारी के साथ जिला पदाधिकारी ने किया बैठक आयोजित

रिपोर्ट मिथिलेश कुमार सहरसा

लोक सभा चुनाव को लेकर सेक्टर पदाधिकारी के साथ जिला पदाधिकारी ने किया बैठक आयोजित


जिलाधिकारी सहरसा श्री वैभव चौधरी, आई०ए०एस० की अध्यक्षता में आगामी लोकसभा निर्वाचन  हेतु सभी प्रतिनियुक्ति सेक्टर पदाधिकारी के साथ बैठक प्रेक्षागृह, सहरसा में आयोजित की गई  सभी प्रतिनियुक्ति सेक्टर पदाधिकारी को उनके कार्य एवं दायित्व के संबंध में जानकारी सभी सहायक निर्वाचन पदाधिकारी,उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा दिया गया। लोकसभा निर्वाचन को लेकर जिले में 1390 मतदान केंद्र हैं। इनके लिए कुल 178 सेक्टर पदाधिकारीयों की नियुक्ति की गई है। प्रशिक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, सहरसा द्वारा कहा गया कि सेक्टर ऑफिसर चुनावी प्रबंधन में निर्णायक भूमिका निभाता है तथा पीठासीन पदाधिकारी मतदान दल निर्वाचित पदाधिकारी तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी के बीच सेतु का काम करता है।  सेक्टर ऑफिसर का दायित्व चुनाव की घोषणा के दिन से चुनाव प्रक्रिया के समाप्ति तक चुनाव प्रबंधन की समाप्ति तक होता है। सेक्टर ऑफिसर को वैसे भलनरेबल हैमलेट तथा भलनरेबल निर्वाचक की पहचान भी करनी होती है। मतदान प्रारंभ होने के कम-से-कम सात दिन पूर्व सेक्टर ऑफिसर को स्पेशल कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति प्रदान की जाती है इसलिए उन्हें अपने क्षेत्रों के प्रत्येक नुक्कड़ तथा कोने से परिचित होना चाहिए ताकि मतदाता बिना किसी रोक-टोक के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। मतदान केंद्रों के संदर्भ में वो खुद से भौतिक रूप से मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान केंद्रों के उपलब्ध संसाधन का पता लगाएंगे जिससे मतदान के दिन मतदाताओं को आवश्यक AMF (आवश्यक न्यूनतम सुविधा) मिल सके। AMF के संदर्भ में जानकारी प्राप्त कर कमी की स्थिति में जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सूचित करेंगे ताकि ससमय मतदान के पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराया जा सके। जिला निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि गोपनीय तरीके से मतदान केंद्रों के अधीन भलनेरबल सेक्टर या व्यक्ति का पता लगाएंगे तथा इसमें किसी राजनीतिक दलों का सहयोग नहीं लेंगे। सेक्टर ऑफिसर किसी भी वैसे व्यक्ति का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे, जो किसी राजनीतिक दल से संपर्क रखता हो। इससे अपनी पारदर्शिता बनाए रखनी है। सिर्फ पारदर्शी रहना ही नहीं बल्कि पारदर्शी दिखना भी है।EVM प्रशिक्षक द्वारा EVM में प्रारंभिक तौर पर आने वाले कुछ समस्याओं के साथ EVM के संबंध में विस्तृत रूप से बताया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि सेक्टर पदाधिकारी निर्वाचन विभाग के निर्वाचन के दौरान आंख और कान होते हैं। उन्हें अपने कार्यों का अच्छी तरह से जानकारी रखना होता है, साथ ही उनके द्वारा निर्देश दिया गया कि आप को यदि कोई समस्या फील्ड भ्रमण के दौरान उत्पन्न होती है तो अविलंब अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी को सूचित करें। उनके द्वारा कहा गया की साप्ताहिक समीक्षा अब से प्रत्येक सहायक निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा की जाएगी इसके लिए आपलोग अभी से अपने विभागीय कार्यों के अतिरिक्त समय निकालकर सेक्टर पदाधिकारी के कार्यों को भी ससमय निष्पादन करने का काम करेंगे ताकि निर्वाचन सहज रूप से संपन्न कराया जा सके।