प्रशांत किशोर की जन सुराज पदयात्रा 25 फरवरी को सोनबरसा के रास्ते पहुंचेगी सहरसा, स्वागत को लेकर तैयारियां जोरों पर
सहरसा:- जन सुराज अभियान के तहत बिहार की पदयात्रा पर निकले प्रशांत किशोर रविवार को खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड से सहरसा जिले के सोनबरसा में प्रवेश करेंगे। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर का स्वागत करने को लेकर जिले में तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। सोनबरसा में स्वागत द्वार लगाए गए हैं, फूलों की माला के साथ आतिशबाजी के इंतजाम किए गए हैं। जन सुराज पदयात्रा का स्वागत करने को लेकर जिले के 10 प्रखंडों से लोग आएंगे।
बता दें कि प्रशांत किशोर बीते 17 महीनों से बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं। 2 अक्टूबर 2022 को प्रशांत किशोर ने पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम से जन सुराज पदयात्रा की शुरुआत की थी। पश्चिम चंपारण से शुरू हुई पदयात्रा शिवहर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, बेगूसराय, खगड़िया से होते हुए सहरसा पहुंचेगी। आने वाले दिनों में प्रशांत किशोर सहरसा जिले के सभी प्रखंडों में पदयात्रा के माध्यम से जाएंगे।
अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट देंगे, तो आपका बच्चा भी बेरोजगार नहीं रहेगा: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि हम आपको एक मंत्र सीखा रहे हैं। वोट चाहे जिसे देना है दो, लेकिन एक बार वोट अपने बच्चों के लिए दो, नेताओं के लिए नहीं, जाति के लिए नहीं, तभी जीवन सुधरेगा। लोग कहते हैं कि बच्चों के लिए वोट देने से क्या होगा? लोगों को ये समझ में नहीं आ रहा कि उन्होंने जिन नेताओं का चेहरा देखकर वोट दिया वो राजा हो गए। एक बार हमारी सलाह मानिए, अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट दीजिए, आपका बच्चा भी बेरोजगार नहीं रहेगा। अगर, आप अपने बच्चों के लिए वोट नहीं दीजिएगा तो चाहे कोई भी जीते आपके बच्चों का भला नहीं होगा।
आप चाहे अपनी जाति वाले नेता को ही वोट दो, लेकिन उससे अपने बच्चों के लिए पढ़ाई-रोजगार मांगो: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि वोट जिसे भी दीजिए, मुफ्त में वोट किसी को नहीं दीजिए। आप दूध, धान, गेहूं, मकई बेचते हैं, तो उससे पैसे लेते हैं। 50 रुपए दूध का आप पैसा लेते हैं और लाखों रुपए का वोट आप मुफ्त में ही दे रहे हैं। आप चाहे अपनी जाति वाले नेता को ही वोट दो, लेकिन उससे अपने बच्चों के लिए पढ़ाई और रोजगार मांगो। अगर आप नहीं मांगिएगा तो गरीबी खत्म नहीं होगी। यही बात बताने के लिए आए हैं। हम वोट मांगते नहीं है, चंदा लेते नहीं हैं, लेकिन मांगने आए हैं आपका आशीर्वाद।