सोनबरसा हाईस्कूल परिसर में शिक्षा संवाद कार्यक्रम हुआ आयोजित



सोनबरसा हाईस्कूल परिसर में शिक्षा संवाद कार्यक्रम हुआ आयोजित

रिपोर्ट मिथिलेश कुमार, सोनबरसा राज

 सोनबरसा राज (सहरसा) ।  आज दिनांक  19.01.2024 को जिलाधिकारी सहरसा श्री वैभव चौधरी भा0प्र0से0  की अध्यक्षता में सर हरि बल्लभ इंस्टिट्यूट,  सोनवर्षा  में शिक्षा के क्षेत्र में क्रियान्वित विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों/योजनाओं के संबंध में छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों/आमजनों को जानकारी उपलब्ध कराने एवं उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करने हेतु ‘‘शिक्षा संवाद’’ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी के संबोधन के पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने सबोधन में शिक्षा एवं अन्य बिभाग द्वारा छात्रहित में संचालित बिहार सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।शिक्षा का विकास को उन्होंने मानव जगत का विकास बताया।विद्यालयों में दिए जा रहे मुफ्त साइकिल,पोशाक,पाठय पुस्तक एवं छात्रवृति को उन्होंने समाज के आर्थिक-सामाजिक विसमता को दूर करने के सरकार के प्रयास को सराहा। जिलापदाधिकारी ने शिक्षा संबाद के उद्देश्य को बताया।उन्होंने कहा कि शिक्षा संबाद के माध्यम से सरकार न केवल योजनाओं की जानकारी आप तक पहुंचा रही है बल्कि आपसे इन योजनाओं के बेहतरी के लिये भी फीडबैक लेती है।आज के जमाने में शिक्षा काफी बदल चूका है।अब साक्षर का मतलब अक्षर ज्ञान नहीं है।अब सरकारी विद्यालय पूर्व की तरह नहीं रह गया है।इन सभी क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हो रहा है। सुदूर ग्रामीण इलाकों के विद्यालयों में भी अब आधारभूत संरचना की कमी नहीं है।योग्य शिक्षकों की बहाली नियमित किये जा रहे हैं।अच्छी लाइब्रेरी,स्मार्ट क्लास तथा कंप्यूटर लैब अब गांव के सरकारी स्कूलों में भी दिखाई दे रहे हैं।एक से बढ़कर छात्रहित की योजनाओं को सरकार चलाकर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा/बच्ची स्कूल से बंचित न रहे।उन्हें स्मार्ट बनाकर एक योग्य नागरिक बनाने के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र की योजनाएं छात्रों एवं अभिभावकों को आर्थिक राहत एवं संबल देने के लिए ही संचालित है।
उन्होंने कहा कि बिहार में टैलेंट की कोई कमी नहीं है।सरकार इसी टैलेंट को निखारने के लिए प्रयासरत है।महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बालिकाओं के जन्म से लेकर कन्या उत्थान जैसी योजना और फिर मुफ्त पोशाक, साईकिल, पुस्तकें, छात्रवृत्ति, छत्रावास देकर सरकार उन्हें हर स्तर पर सशक्त करने के लिए प्रयासरत है।पंचायती राज व नौकरियों में आरक्षण देकर उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बल्कि समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया जा रहा है।एक महिला जब आर्थिक तौर पर स्वतंत्र होती है तो पूरे परिवार को मजबूत और सभ्य बनाती है।
उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित शिक्षकों का भी जिक्र किया। जिलापदाधिकारी ने उपस्थित सभी छात्रों/छात्राओं को नशे से दूर रहने की नसीहत दी तथा खूब पढ़-लिखकर होनहार बनने की कामना की।उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में खोले जा रहे संस्थानों की भी जानकारी दी गयी।