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सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख पर पंचायत समिति सदस्यों ने लगाया अविश्वास प्रस्ताव, प्रखण्ड प्रमुख पर विभिन्न प्रकार की हो रही है टिप्पणी

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सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख पर पंचायत समिति सदस्यों ने लगाया अविश्वास प्रस्ताव, प्रखण्ड प्रमुख पर विभिन्न प्रकार की हो रही है टिप्पणी

सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख पर यह पहला अवसर है अविश्वास प्रस्ताव पारित करने की आवेदन पत्र, ऐसा कभी नहीं हुआ था सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख पर पंचायत समिति सदस्यों की नाराजगी

समाचार डेस्क

सोनबरसा राज (सहरसा) (आससे) । सोनबरसा राज प्रखण्ड के 25 पंचायत समिति सदस्यों में से 14 पंचायत समिति सदस्यों ने अपने प्रखण्ड प्रमुख पर कुल 09 आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लगाया है। अविश्वास प्रस्ताव की आवेदन पत्र कार्यपालक पदाधिकारी पंचायत समिति सह प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सोनबरसा राज प्रखण्ड को देते हुए उक्त आवेदन पत्र (01) सहरसा जिला पदाधिकारी, (02) अनुमण्डल पदाधिकारी सहरसा सदर, (03) जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहरसा, (04) प्रखण्ड प्रमुख सोनबरसा राज और (05) सभी पंचायत समिति सदस्यों को भी दिया गया है। उक्त अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद सोनबरसा राज प्रखण्ड में प्रखण्ड प्रमुख के विरोध में विभिन्न प्रकार की आरोप प्रत्यारोप की बाजार गर्म है। 

मालुम हो कि प्रखण्ड प्रमुख पर लगाए गए आरोप निम्न प्रकार से है:- (01) यह कि प्रखण्ड प्रमुख के द्वारा पंचायत समिति की बैठक ससमय नहीं किया जाता है एवं इसकी सूचना भी नहीं दिया जाता है। (02) यह कि सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख को पंचायत समिति सदस्यों के द्वारा बैठक हेतु कहा जाता है तो प्रखण्ड प्रमुख उग्र हो जाती है और सदस्यों को अपमानित करती है। (03) यह कि षष्ठम वित्त आयोग की राशि जो सोनबरसा राज पंचायत समिति को सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-2023 में उपलब्ध करवाया गया था उस राशि को अपने मनमाने तरीके से बिना बैठक बुलाये कुल राशि में से आधे से अधिक स्वयं के द्वारा योजना कर लिया गया है। (04) यह कि प्रखण्ड प्रमुख सोनबरसा राज के द्वारा पंचायत समिति की बैठक में जो योजनाएं पारित भी हो जाती है उनका हेराफेरी किया जाता है। (05) यह कि सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख के द्वारा 15 वीं वित्त आयोग की राशि भी अपने एवं अपने खास समिति सदस्यों के क्षेत्रों में योजना का चयन कर कार्य करवाया जाता है, जिसके कारण सभी पंचायत समिति क्षेत्रों में सामान्य रूप से विकास कार्य नहीं हो पाता है। (06) यह कि प्रखण्ड प्रमुख के द्वारा कुछ पंचायत समिति सदस्यों को राशि का प्रलोभन देकर उनके क्षेत्र में एक भी योजना नहीं करवाया जाता है, जिनमें एक ग्राम पंचायत मंगुवार भी सामिल है। (07) यह कि प्रखण्ड प्रमुख अपने शक्तियों का दुरूपयोग करते हुए चयनित योजनाओं को भी बाधित करके रखा जाता है। (08) यह कि पंचायत समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय को भी जिला परिषद की बैठक में सही ढ़ंग से नहीं रखा जाता है। जिसके कारण बहुमत से लिए गए निर्णय का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। (09) यह कि सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख के द्वारा स्थायी समिति सदस्यों के कार्य एवं दायित्व का अनुपालन करवाये बगैर अपनी मर्जी से योजना का चयन एवं अन्य से कार्य करवाया जाता है। एवं पंचायत समिति सदस्यों के भावनाओं को नजरअंदाज किया जाता है। इन सब परिस्थितियों से वर्तमान प्रखण्ड प्रमुख के कार्यकलापों से हमसभी सदस्यों का उन पर से विश्वास नहीं रह गया है, जिससे हमसभी पंचायत समिति सदस्यों आपसी सहमति से बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 44(3) के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाकर वर्तमान प्रखण्ड प्रमुख को उनके पद से हटाने हेतु तैयार हैं। 
ज्ञाता हो कि अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाने के पक्ष में 14 पंचायत समिति सदस्यों में(01) गुड़िया कुमारी, (02) सुलेखा देवी, (03) कुमारी खुशबू देवी, (04) सोनी कुमारी, (05) रुबी कुमारी, (06) चंदा देवी, (07) धीरेन्द्र राम, (08) चन्द्रदेव मंडल, (09) चंदन कुमार, (10) मीनू देवी, (11) रानी भारती, (12) ललीता देवी, (13) आजाद कुमार, और (14) काशी साह पंचायत समिति सदस्यों का नाम शामिल हैं। 

सनद रहे कि सोनबरसा राज प्रखण्ड प्रमुख के द्वारा के जहाँ भी विकास योजना का काम हुआ है वहाँ घटिया से घटिया काम हुआ है, यदि सही रुप से जांच हो तो और मुश्किल में प्रखण्ड प्रमुख पड़ सकती हैं लेकिन उसे बाद में लेने की बात पंचायत समिति सदस्यों ने बोल कर टाल दिया है।

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