गया बिहार
संवाददाता अशोक शर्मा
मनुष्य के लिए सभी व्यवस्था, गौ माता के लिए कोई व्यवस्था नहीं
गौ रक्षा को लेकर दंपति और बेटी पद यात्रा अयोध्या के लिए निकल पड़े।
मनुष्य की रक्षा को लेकर सरकार ने कई तरह कि व्यवस्था कर रखी है ।परंतु गौ रक्षा को लेकर ना तो एक सुरक्षित अस्पताल या एंबुलेंस की व्यवस्था अब तक पूरे देश में नहीं हुई है देश के हर प्रखंड में पशु अस्पताल का निर्माण कराकर अच्छे चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति एवं वाहन एंबुलेंस और दवा के समुचित व्यवस्था हो इस उद्देश्य झारखंड राज्य की डोमचांच से 91 किलोमीटर पैदल पदयात्रा पर 18 वर्ष की कुसुम साहू अपने पिता सुरेंद्र शाह मां सरिता देवी के साथ बाराचट्टी पहुंची आरएसएस गया जिला के बौद्धिक प्रमुख सतीश कुमार सिंह उर्फ लाल सिंह इनके पदयात्रा की जानकारी मिली तो शोभ बाजार में फूल माला के साथ इनका स्वागत किया। स्वीटी कुमारी ने कुसुम और उनकी मां सरिता देवी को माला पहनाकर स्वागत किया कुसुम ने बताया कि इस वर्ष बरसात के मौसम में जब लंपीक बीमारी फैली तो क्षेत्र में पालतू पशुओं को देखने वाला कोई नहीं था करोना बीमारी के जैसा लंपीक बीमारी भी पशुओं में काफी तेजी से फैला जो अनगिनती पशुओं की मौत हो गई। हम लोग जब अपने क्षेत्र के डोमचांच स्थित अस्पताल में पहुंचकर उनके इलाज के लिए चिकित्सा को ढूंढते तो वहां कोई नहीं मिलते थे नतीजा यह हुआ की दवा और इलाज क्या भाव में तड़प तड़प कर कई पशुओं की जान चली गई। गौ माता और पशुओं की मौत हो गई आज उनकी तड़प को सुनते कुसुम की आंख में आंसू डबडबा गई वह बताते हैं कि हमने संकल्प लिया था 681 किलोमीटर कि पैदल यात्रा कर अयोध्या पहुंचेगी भगवान राम का दर्शन कर गौ एवं पशु की सुरक्षा के लिए आरजू करूंगी यात्रा के समापन के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर पशुओं की बेहतर उपचार के लिए हर प्रखंड में मनुष्य की जैसी जो व्यवस्था अस्पतालों में की गई है इस तरह पशु अस्पताल खोला जाए बीमारी पशु के उपचार के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था हो ताकि उन्हें अस्पताल में लाकर इलाज कराया जाए और जीवन का बचाया जाए। आरएसएस के जिला बौद्धिक प्रमुख सतीश कुमार सिंह रात्रि विश्राम की व्यवस्था अपनी आवास में किया 2024 के पहला दिन पूर्ण अयोध्या के लिए पदयात्रा पर निकले दंपति परिवार। JK 24x7 के अनुमंडल शेरघाटी के संवाददाता के साथ कुसुम कुमारी ने अपने विचार को रखते हुए श्री रामचंद्र जी के भजन गई और उमंग उत्साह के साथ पदयात्रा पर निकले अपनी सर पर लड्डू गोपाल ठाकुर जी की प्रतिमा को लेते हुए भजन गाते हुए दंपति जीवन अयोध्या यात्रा की रवाना हुए।