एलआरडीसी और एसडीएम जमीन सुलझाने की बजाय उलझाने में पड़े हुए है, न्यायालय के भी बात को कर रहे हैं अवहेलना
विपक्षियों द्वारा पीड़ित सेवानिवृत शिक्षक जमीन मालिक रघुनंदन प्रसाद को मिल रहा जान से मारने की धमकी, थाना प्रभारी के द्वारा नहीं किया जा रहा है कारवाई, क्यों?
क्या विपक्षियों से साठ गठ हैं थाना प्रभारी को? यदि नहीं ! तो क्यों नहीं किया जा रहा है कारवाई?
संवाददाता गजेन्द्र कुमार जिला गया बिहार
पीड़ित सेवानिवृत शिक्षक जमीन मालिक रघुनंदन प्रसाद निवासी खिजरसराय ने बताया कि व्यवहार न्यायालय गया ए०डी०जे 10 के द्वारा दिनांक 17/01/2022 में निर्गत आदेशों का अंचलाधिकारी खिजरसराय एवं एल०आर०डी० सी० खिजरसराय के द्वारा जजमेंट कॉपी आदेश की उल्लंघन करते हुए मेरा जमीन का जमाबंदी को रद्द कर दिया गया है जिसका खाता संख्या 553 प्लॉट नंबर 3563 रकबा 10 डेसिमल जिसका हुकुनामा मेरे पिता स्वर्गीय शनिश्चर के नाम पर था जो आज तक मेरा ही कब्जा में है इसी जमीन पर केस नंबर 209/ 2022 में 144 सी०आर०पी०सी सरवहदा से लगाया गया जिसमें एस०डी०एम नीमचक बथानी ने हमें गलत ढंग से फर्जी साबित करके मेरा जमीन पर जाने से रोक लगा दिया है हमने गया व्यवहार न्यायालय में अपील करके उस फैसला के खिलाफ विरोध किया जिसमें न्यायालय के द्वारा हमारे पक्ष में फैसला दिया गया। फैसला मिलने पर जब हम अपने जमीन पर गए तो विपक्ष द्वारा रोक लगा दिया गया और बोला कि यह जमीन आपका नहीं है जब पीड़ित जमीन मालिक ने पता किया तो मालूम हुआ कि मेरे जमीन का साजिश के तहत अंचलाधिकारी और एल०आर०डी०सी ० खिजरसराय के द्वारा मिली भगत से जमाबंदी को रद्द कर दिया गया है संबंधित अधिकारियों के द्वारा समस्या सुलझाने की वजह उलझाया जा रहा है लेकिन इन अधिकारियो पर जिले के वरीय अधिकारियो द्वारा कारवाई नहीं किया जा रहा है जिससे जमीन मालिक परेशान हैं।