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सोनबरसा राज अस्पताल में पुनः एक महिला की प्रसवपीड़ा व रक्तस्राव से हुई मौत

MD Arvind Kumar Singh Loading... ,
सोनबरसा राज अस्पताल में पुनः एक महिला की प्रसवपीड़ा व रक्तस्राव से हुई मौत

मौत की जानकारी पर जनता व परिजनों ने अस्पताल में घंटो किया हंगामा
स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अस्पताल प्रभारी ने वार्तालाप कर मामले को ठंडा वस्ते में डाला
स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल में महिला डाक्टर की पद स्थापना का किया मांग

अधिकतर गरीब परिवारों के महिलाओं की मौत दवा सुई के आभाव में हो रही है
बिना रुपये लिए अस्पताल में नहीं मिलती है दवा सुई, यहाँ तक की लाठी काटने तक का लिया जाता है रुपये

समाचार डेस्क
सोनबरसा राज (सहरसा) (आपसे) । सोनबरसा राज प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र में पुनः एक 25 वर्षीय महिला पूजा देवी की मौत प्रसव के बाद रक्तस्राव को नहीं रोकने व पीड़ा से हो गई। परिजनों ने डाक्टर और नर्स पर लापरवाही, दवा सुई नहीं देने और रुपये की मांग करने का आरोप लगाते हुए जमकर अस्पताल में बवाल मचाया, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं अस्पताल प्रशासन ने मृतक महिला की परिजनों से समझौता कर मामला को समाप्त करने में सफलता प्राप्त कर लिया। उक्त मामले की हकीकत यदि देखना हो तो सीसीटीवी केमरा को खगालने (देखने) पर सभी वस्तु स्थिति सामने आ जाएगी। 
मालुम हो कि मधेपुरा जिले के बुधमा गाँव निवासी अनोज कुमार की 25 वर्षीय पत्नी पूजा देवी को प्रसव पीड़ा के दौरान उसके मायके वाले बनमाईटहरी प्रखण्ड क्षेत्र के सुगमा गाँव निवासी द्वारा सोनबरसा राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहाँ महिला ने एक बच्चे को भी जन्म दी, लेकिन कुछ ही समय बाद महिला को रक्तस्राव व पीड़ा होने लगा। परिजनों के द्वारा डाक्टर और नर्स को दवा सुई देने की बात कहने पर डाक्टर और नर्स ने पुनः रुपये की मांग और सहरसा अस्पताल ले जाने की बात करने लगा और इसी बात में देर होने के कारण महिला की मौत हो गई। 
जब अस्पताल में महिला की मौत हो गई तो खनन फानन में अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज को सदर अस्पताल सहरसा ले जाने को कहने लगा, वहीं मौत की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजनों व स्थानीय जनता ने अस्पताल में हंगामा करने लगे। 
परिजनों ने बताया कि भर्ती के समय से ही एएनएम व डाक्टर के द्वारा रुपये की मांग की जाने लगी थी तथा रुपये देने के बाद ही प्रसव कराया गया, लेकिन एएनएम और डाक्टर की लापरवाही से रक्तस्राव एवं पीड़ा अधिक होने के कारण ही मरीज की मौत हो गई। यदि समय पर दवा सुई दिया जाता तो मरीज की मौत नहीं होती। 
ज्ञात हो कि उक्त घटना पर अस्पताल प्रभारी डाक्टर लक्षण कुमार ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाया गया सभी आरोप निराधार व गलत है। एम्बुलेंस से सहरसा ले जाने के दौरान मरीज की मौत हो गई है। वैसे इस सभी घटना क्रम की जानकारी सीसीटीवी कैमरे को देखने पर स्पष्ट हो जाएगा। 
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह कोई नयी घटना नहीं है अधिकतर गरीब परिवारों की महिलाओं का मौत इस अस्पताल में बराबर हुआ करती है। इसका मुख्य वजह महिला डाक्टर का पद स्थापना नहीं रहना और लापरवाही तथा बिना रुपये लिए प्रसव नहीं करवाना आदि सामिल है। जो रुपये वाले हैं वह सोनबरसा राज अस्पताल कहाँ आते जाते हैं ।

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